Kamarchhath 2026 भैंसा। छत्तीसगढ़ में कमरछठ पर्व को हलछठ, हलषष्ठी और हरछठ के नाम से भी जाना जाता है। भाद्र मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाए जाने वाले इस पर्व का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। इस दिन माताएं अपनी संतान के अच्छे स्वास्थ्य, दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना को लेकर व्रत रखती हैं।
इसी परंपरा के तहत ग्राम भैंसा में भी कमरछठ पर्व श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया। पर्व के अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाएं पूजा-अर्चना में शामिल हुईं। महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा कर अपनी संतान के स्वस्थ, दीर्घायु और सुखी जीवन की कामना की।
कमरछठ पर्व को लेकर ग्रामीण महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना कर पर्व की परंपरा को निभाया। इस दौरान गांव में धार्मिक और उत्साहपूर्ण माहौल बना रहा।
कमरछठ छत्तीसगढ़ की लोक-संस्कृति और पारंपरिक पर्वों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह पर्व माताओं के अपनी संतान के प्रति प्रेम, ममता और आस्था को दर्शाता है। साथ ही, ऐसे लोकपर्व ग्रामीण अंचलों में सदियों से चली आ रही परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने का काम करते हैं।