CG Nikay Chunav रिसाली/भिलाई: छत्तीसगढ़ में आगामी नगरीय निकाय चुनाव 2026 को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। दुर्ग जिले के रिसाली और भिलाई नगर निगम में वार्डों के आरक्षण की तस्वीर पूरी तरह साफ हो चुकी है। सबसे बड़ा फेरबदल रिसाली नगर निगम में देखने को मिला है, जहां महापौर की कुर्सी इस बार अनुसूचित जाति (SC) महिला के लिए आरक्षित कर दी गई है। लॉटरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद कई वार्डों का मिजाज बदल चुका है, जिससे मौजूदा पार्षदों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं, वहीं नए दावेदार सक्रिय हो गए हैं।
रिसाली के 40 वार्ड: किस वर्ग के खाते में आईं कितनी सीटें?
2011 की जनगणना के आंकड़ों और तय नियमों के आधार पर रिसाली निगम के सभी 40 वार्डों का वर्गीकरण किया गया है:
- अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC): कुल 10 वार्ड आरक्षित (7 वार्ड मुक्त, 3 वार्ड OBC महिला के लिए)।
- अनुसूचित जाति (SC): कुल 7 वार्ड आरक्षित (5 वार्ड मुक्त, 2 वार्ड SC महिला के लिए)।
- अनुसूचित जनजाति (ST): कुल 3 वार्ड आरक्षित (2 वार्ड मुक्त, 1 वार्ड ST महिला के लिए)।
- अनारक्षित (सामान्य): 20 वार्ड सामान्य श्रेणी में हैं, जिनमें से 7 वार्ड सामान्य महिलाओं के लिए तय किए गए हैं।
- इस तरह 40 वार्डों वाले रिसाली निगम में कुल 13 सीटें विभिन्न वर्गों की महिलाओं के लिए आरक्षित हुई हैं।
राजनीतिक दलों के सामने ‘मजबूत चेहरे’ की चुनौती
महापौर पद अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित होते ही कांग्रेस और भाजपा दोनों ही खेमों में मंथन का दौर शुरू हो गया है। दलों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती ऐसा जिताऊ और प्रभावी महिला चेहरा सामने लाने की है, जिसकी अपने वार्ड में गहरी पैठ हो और संगठन स्तर पर भी सर्वमान्य छवि बने। चूंकि महापौर का चयन वार्ड स्तर की जीत और राजनीतिक रणनीतियों से जुड़ा है, इसलिए टिकट बंटवारे में इस वर्ग के चेहरों को विशेष तरजीह दी जाएगी।
कई मौजूदा पार्षदों का दांव उलझा, नए चेहरों में उत्साह
वार्डों के आरक्षण में बदलाव के कारण कई सिटिंग पार्षदों की सियासी जमीन खिसक गई है। जिन वार्डों का वर्ग बदल चुका है, वहां के मौजूदा जनप्रतिनिधि अब पड़ोस के सुरक्षित वार्डों की तलाश कर रहे हैं या फिर संगठन में बड़ी जिम्मेदारी पाने की जुगत में हैं। दूसरी ओर, लंबे समय से पार्टी के लिए काम कर रहे युवा और जमीनी कार्यकर्ताओं के लिए बंद दरवाजे खुल गए हैं।
70 वार्डों का खाका भी तैयार, आरक्षण पर मचा सियासी घमासान
रिसाली के साथ-साथ भिलाई नगर निगम के 70 वार्डों का आरक्षण भी अंतिम रूप ले चुका है:
- OBC वर्ग: 23 वार्ड आरक्षित (15 मुक्त, 8 OBC महिला)।
- SC वर्ग: 9 वार्ड आरक्षित।
- ST वर्ग: 3 वार्ड आरक्षित।
सामान्य वर्ग: 35 वार्ड अनारक्षित (जिनमें 11 वार्ड महिलाओं के लिए सुरक्षित हैं)।
भिलाई में कुल 23 सीटें महिलाओं के हिस्से आई हैं। आरक्षण सूची बाहर आते ही सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने जहां पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और नियमों के अनुकूल बताया है, वहीं कांग्रेस ने कुछ SC और ST बहुल वार्डों के आरक्षण में हुए फेरबदल पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।
आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब दोनों ही निगम क्षेत्रों में बैठकों, दावेदारियों और अंदरूनी खींचतान का नया दौर शुरू होना तय है।